Friday, September 21, 2007

भंवरा


भंवरा है एक काली मक्खी
उड़ती है घन-घन करके
जाल में है फंस जाती
कमल का है रस चूसती
कभी इधर तो कभी उधर
कमल में है सो जाती
भंवरा है एक काली मक्खी
भंवरा है एक काली मक्खी.
-------------------
फ़राह,II-F 21 सितंबर 2007

Friday, September 7, 2007

गागू का जन्मदिन


कल मेरे भाई का जन्मदिन था.
११ लोग मेरे घर पे आये.
सब लोग गागू के लिये गिफ़्ट लाए.
और मैं ने सब को रिटर्न गिफ़्ट दिये.
सब लोगों ने खाना खाया.
खेला.
मेरे भाई ने केक काटा. अब वह २ साल का हो गया है.
पापा ने उसे पियानो दिया.
मैंने घर सजाया.
मम्मी ने नये कपड़े दिये.
मेरी बहन ने सबको इन्वाइट किया.
सब चले गये.
------------------------------
फ़राह, 2 सितंबर 2007

my house


This is my house. It is wonderfull and thamack-thaya house. It is big also.
Farah, 6 Sep 2007

Thursday, September 6, 2007

some ones special


On 1 september my lallo Gagu's birthday was there.My school friends had also came on my brother's birthday. They were Viney and Yuvraj.Some of my father's frends had also came on the birthday.There was one boy named Anshu he is very naughty .So I and Anshu had started fighting with each other. We were started enjoying the fighting.Oh I for get to say about the main thing the cake .The cake was blackforest. It was very tasty . Everyone gave diffrent gifts .The gifts were wonderfull.We gave chocolates in return gift.We enjoyed the party.but we missed Dada Abbu the most in the party.

Thursday, August 30, 2007

रक्षाबंधन


1. रक्षाबंधन पर बहन भाई को राखी बांधती है.
2. भाई बहन को 101 रुपै देता है यह गिफ़्ट देता है.
3. यह त्यौहार 28 को मनाया जाता है.
4. यह दिन हिंदुओं को अच्छा लगता है.
5. मैंने आज अपने छोटे भाई को राखी बांधी.
6. कोई-कोई बहनों का भाई नहीं है. अगर है तो फिर भी नहीं बांध पाईं.
7. मेरी मम्मी नहीं बांध पाईं अपने भाई को याने की मेरे मामू को.
8. मेरी मम्मी ने सही करा.
9. और मेरी मम्मी ने अच्छा किया की अपने भाई को राखी नहीं बांधी.
10. मुसलीम लोग बांधते नहीं हैं.
11. मेरे पापा ने 100 रुपै दिये और उसमें बचे 10 रुपै.
12. राखी- 50 रुपै की
रसगुल्ला- 10 रुपै के 6
तीलक- 2 रुपै की 1
कुरकुरा- 10 का 1
फ़ैटा- 20 का 1
(सिंघल की दुकान पर चेंज नहीं था इसलिये उन्होंने तिलक यूं ही दे दिया)
----------------------------------------------------------
फ़राह, 28 अगस्त 2007, शाम 7.30

Sunday, August 19, 2007

बगुला


एक बूढ़ा बगुला खाने की तलाश में सागर के किनारे एक पत्थर पर बैठा था. और उसके आगे-पीछे बहुत सारी मछलियां घूम रही थीं. लेकिन वह बिलकुल बूढ़ा हो चुका था. अब वह एक भी मछली ना पकड़ पा रहा था. जो भी मछली को वह पकड़ना चाहता वही उसे चोंच पर तमाचा मार देती.

written by Farah

Wednesday, August 15, 2007

भैंस

भैंस गोबर करती है.और गलियों में घूमती है.




written by Farah